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लेखनी प्रतियोगिता -23-Jan-2023प्रतियोगिता शुक्रिया जिंदगी

एक वक्त गुजरा और एक वक्त आया,!तब सब खोया था और अब तक क्या पाया,!जिंदगी के समंदर में हम गोते लगाते चले गये,!कभी लहरों से चोटे खाई,!तो कभी खुद को मझधार में पाया,!और कभी नाव ने सहारा दिया,!तो कभी मझधार ने ही पार लगाया,!एक वक्त गुजरा और फिर नया दौर आया,!हम चलते रहे और राहें मिलती रही,!दूर से देखा कभी मंजिल को,!तो कभी मंजिल को ही पास पाया,!हर पल जिंदगी ने है हमें आजमाया,!हर छड़ जिंदगी ने है हमें थकाया,!और कभी जिंदगी ने हमें नया पाठ पढ़ाया,!धीरे धीरे कर थापेड़ो ने काफ़ी कुछ है सिखाया,!एक वक्त गुजरा और एक वक्त आया,!तब सब खोया था और अब कुछ कुछ है सीख पाया,!कभी जिंदगी ने बेहिसाब दर्द है दिया,!तो कभी कोई मरहम बनकर आया,!कभी अपनों ने ही खूब आजमाया,!तो कभी बेवजह ही खूब रुलाया,!धीरे धीरे वक्त ने इतना मजबूत बनाया,!मेरी जिंदगी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया,!फिर एक वक्त गुजरा और एक वक्त आया,!जो कुछ खोया था शायद थोड़ा थोड़ा पाया,!ऐ जिंदगी तेरा शुक्रिया अब जाकर मैं कुछ कुछ तुझे समझ पाया 🙏                         🙏सुशील कुमार पाण्डेय 🙏                                                    🙏जय हिन्द 🙏                                                                         🙏❤️🌹spps❤️🌹🙏                                                         

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9 Comments

sunanda

11-Feb-2023 11:31 AM

nice

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Babita patel

01-Feb-2023 05:38 AM

nice

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madhura

29-Jan-2023 12:24 PM

nice

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